नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र बुधवार को NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर गरमा गया। लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एक ओर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वह NEET से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, वहीं विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले स्थगित करनी पड़ी।
सरकार ने चर्चा की जताई सहमति
लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही NEET मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बहस संसदीय नियमों के तहत हो और सभी दलों की सहमति से समय तथा प्रक्रिया तय की जाए। रिजिजू ने कहा कि यह मामला देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की भी अपील की।
विपक्ष ने इस्तीफे की मांग दोहराई
हालांकि, विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव से संतुष्ट नजर नहीं आया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने कहा कि केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सामने आए विवादों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। विपक्षी सांसदों ने सदन में नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
अखिलेश यादव ने उठाया छात्रों का मुद्दा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की आवाज नहीं सुनी गई तो यह असंतोष और बढ़ सकता है। इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से अलग-अलग समय पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी लगातार NEET मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं. NEET मामले पर चर्चा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा। वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए और इस विषय पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
सदन की कार्यवाही रही प्रभावित
हंगामे के चलते लोकसभा में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। विपक्षी सांसद लगातार अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं होने पर कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राजनीतिक बहस हुई तेज
NEET परीक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रही बहस अब संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वह हर सवाल का जवाब देने और संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
छात्रों की नजर समाधान पर
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक बहस अपनी जगह है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा मजबूत बना रहे। इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था, समय पर जांच और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।













