कौशांबी। मूरतगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एक बार फिर चर्चाओं में है। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के प्रभारी कुश शर्मा के कार्यशैली को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई लोगों पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के लिए भी पैसे लिए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल का उद्देश्य आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निःशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि अस्पताल की व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। लोगों का मानना है कि इससे वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच करानी चाहिए। उनका मानना है कि जांच से न केवल आरोपों की सत्यता स्पष्ट होगी, बल्कि जनता के बीच फैली शंकाओं का भी समाधान हो सकेगा।
रिपोर्ट, यूपी ब्यूरो, नीतिन अग्रहरि
(अस्वीकरण: इस समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय सूत्रों और शिकायतों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)













