समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई छात्रों ने मानसिक तनाव का सामना किया और कुछ मामलों में जान तक चली गई, लेकिन सरकार ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने तक की जरूरत नहीं समझी।
एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। उनका आरोप था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को हर बार नई परीक्षा का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनका समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक संतुलन प्रभावित होता है।
“सरकार ने श्रद्धांजलि तक नहीं दी”
अखिलेश यादव ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया, उनके प्रति सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन छात्रों के लिए न तो कोई सांत्वना व्यक्त की और न ही श्रद्धांजलि दी। उनके अनुसार, युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय सरकार अन्य मुद्दों में व्यस्त दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाता, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था।
भाजपा सरकार पर तीखा हमला
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का रवैया जनता के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता के संसाधनों और अधिकारों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है, जैसे “विदेशी लुटेरे” किया करते थे। उनका कहना था कि सरकार को जनता के विश्वास की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत युवाओं और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
युवाओं के मुद्दों को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देशभर में लाखों युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में यदि परीक्षाएं बार-बार रद्द होती हैं या पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान मेहनत करने वाले छात्रों को उठाना पड़ता है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए तथा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर छात्रों और रोजगार का मुद्दा चर्चा में आ गया है। विपक्ष लगातार सरकार को पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर घेरता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई मामलों में गिरफ्तारियां भी की गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के एजेंडे में प्रमुख स्थान पर बने रह सकते हैं।













